सोशल मीडिया और मकर संक्रांति
सोशल मीडिया और मकर संक्रांति ( आप बीती ,एक व्यंग्य) सोशल मीडिया की हम चाहें लाख बुराई करें पर सोशल मीडिया त्योहारों पर जान तो ला ही देती है इस बार तो मकर संक्रांति पर पूरी क्रांति ही दिखाई दी। पूरे फोन की मेमोरी मकर संक्रांति के मैसेजेस से भर गई। पिछले दिनों से कड़कड़ाती सर्दी पड़ने के कारण सुबह-सुबह रजाई से निकलने को ही मन नहीं करता पर तभी श्रीमती जी की कड़कड़ाती आवाज हमारे कानों में पड़ी। हमेशा कहते रहते हो बचपन में खूब पतंग उड़ाई है, बहुत पतंगे लूटी हैं पिछले 3 दिन से पतंग और मांझा की चखरी लाने की कह रही हूं, मकर संक्रांति आ गई पूरे आलसी हो। पिछली मकर संक्रांति पर मिसेज शर्मा ने अपने हस्बैंड के साथ पतंग उड़ाते हुए व्हाट्सएप पर सबसे पहले स्टेटस अपडेट कर दिया था। किटी पार्टी में कितना इतरा रही थी। इससे तो अच्छा था कि मैं ऑनलाइन ही मंगा लेती। आपके लिए मंगोड़े बनाने की सोच रही थी परंतु अब खिचड़ी ही बनाऊंगी । तभी एक आवाज और कानों में पड़ी झाड़ू- पोछा करने वाली मेहरी इनसे कह रही थी दीदी, गुप्ता मैडम तो व्हाट्सएप देख- देख कर बिल्क...